Fatehpur, Uttar Pradesh: देश में लगातार हिंदूवादी संगठन और दक्षिणपंथी नेता मुसलमानों के ईबादतगाहों में पहुंचकर हुड़दंग मचा रहे हैं. कभी मस्जिदों, दरगाहों के बाहर नारेबाजी कर रहे हैं, तो कभी मस्जिदों के मीनारों पर भगवा झंडा लगा रहे हैं. हिंदूवादी संगठन के लोग यह सब खुलेआम और बेखौफ होकर कर रहे हैं और सरकार, प्रशासन मुकदर्शक बनी हुई है. एक ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से आया है, जहां BJP सहित कई हिन्दू संगठनों की हजारों की भीड़ ने ऐतिहासिक नवाब अब्दुल समद के मकबरे को मंदिर होने का दावा करते हुए खूब हंगामा मचाया. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. आईए जानते हैं पूरा मामला क्या है..
क्या है पूरा मामला?
पूरा मामला उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिला के आबूनगर इलाके का है. यहां आज यानी कि सोमवार, 11 अगस्त को बीजेपी सहित हिन्दू संगठनों की हजारों की भीड़ पुलिस के बेरिकेड्स को तोड़ते और भगवा झंडा लहराते हुए नवाब अब्दुल समद के मकबरे में घुस गई. हिंदू संगठनों ने इस मंदिर बताते हुए खूब हंगामा मचाया और वहां पर स्थित कब्र को तोड़ दिया. हजारों की भीड़ अभी भी वहां मौजूद है. रिपोर्टों के मुताबिक, प्रशासन इस हंगामे के दौरान मूकदर्शक बनी रही.
यूपी : जिला फतेहपुर में पुलिस के बेरिकेड्स तोड़ते हुए BJP सहित कई हिन्दू संगठनों की हजारों की भीड़ विवादित स्थल में घुसी। कब्र जैसे दिखने वाले ढांचे को मामूली रूप से तोड़ा। भगवा झंडा लहराते हुए इसे मंदिर बताया। हंगामा जारी है। वहीं, मुस्लिम इसे प्राचीन मकबरा बताते हैं। https://t.co/zcooY83Csz pic.twitter.com/dme4MUiKYY
— Sachin Gupta (@SachinGuptaUP) August 11, 2025
हिंदू संगठन और बीजेपी ने पूजा करने का किया था ऐलान
बता दें कि फतेहपुर में नवाब अब्दुल समद का मकबरा स्थित है. हिंदू संगठन और बीजेपी के लोगों ने इसे मंदिर बताकर 11 अगस्त से सौंदर्यीकरण शुरू करने के लिए डीएम से पमिशन मांगी थी. इसके बाद 11 अगस्त यानी कि आज यहां पर पूजा करने का ऐलान किया था.
राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल ने क्या कहा?
हालंकि राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल ने मंदिर होने के दावों को पूरी खारिज कर दिया है. राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल ने बयान जारी करते हुए कहा कि यह नवाब अब्दुल समद का मकबरा है. सरकारी दस्तावेजों में भी यह दर्ज है.
इसके साथ ही राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल ने प्रशासन से हिंदू संगठन और बीजेपी के लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. उलेमा कौंसिल का कहना है कि नवाब अब्दुल समद के मकबरे को मंदिर बताकर अफवाह फैला कर सामप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का काम किया जा रहा है.

