Mainpuri, Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में एक दलित परिवार को बीजेपी के जिला मंत्री और उनके भाई ने धमकाया और मारपीट की. दलित परिवार ने आरोप लगाया कि वे किशनी इलाके में लगने वाले मेले में जा रहे थे, तभी रास्ते में रोककर उनपर हमला किया गया. इस घटना के बाद दलित परिवार शितायत लेकर थाने पहुंचा तो पुलिस ने कार्रवाई करने से इंकार कर दिया. हालांकि बाद में भारी विरोध के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया. आईए जानते हैं पूरा मामला क्या है…
क्या है पूरा मामला?
आरोप है कि दलित परिवार पर ईको कार से जा रहा था, इस दौरान उन्होंने बीजेपी नेता की गाड़ी को रास्ता नहीं दिया. इससे गुस्साए बीजेपी नेता हरिओम दुबे और उनके भाई अंकित दुबे ने अपने साथियों के साथ कार को रोका और परिवार को गलियां दी. इसके बाद उनसे मारपीट की.
‘बंदूक की नोक पर धमकाया’
दलित परिवार ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने पुरुषों और महिलाओं को बंदूक की नोक पर धमकाया, डंडों से पीटा और फिर और लोगों को बुलाकर हमला करवाया. भीड़ ने गाड़ी में बैठी महिलाओं को जबरदस्ती बाहर खींचा और उनके कपड़े फाड़ दिए. मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने परिवार को बचाया.
कार्रवाई से इंकार करने के बाद विरोध
पीड़ित परिवार ने इस घटना के बाद इलाऊ थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस द्वारा कार्रवाई से इनकार कर दिया गया, जिससे दलित समुदाय में आक्रोश फैल गया. स्थानीय लोग और रिश्तेदार थाने के बाहर इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे और जल्द कार्रवाई की मांग की.
इस प्रदर्शन में आजाद समाज पार्टी के नेता आलोक यादव और ओपी सागर भी शामिल हुए. वहीं, समाजवादी पार्टी के विधायक बृजेश कठेरिया भी थाने पहुंचे और मामले की जांच की मांग की.
भारी विरोध के बाद FIR दर्ज
दबाव के बाद पुलिस ने आखिरकार मामला दर्ज किया. एफआईआर में कई धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें अनुसूचित जाति और जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम भी शामिल है.