Homeदेशवाराणसी: हिंदूवादी समूह ने अस्पताल के खंभों को 'मज़ार' का हिस्सा बताकर...

वाराणसी: हिंदूवादी समूह ने अस्पताल के खंभों को ‘मज़ार’ का हिस्सा बताकर तोड़ा… शुद्ध करने के लिए लाल रंग से रंगा

हिंदूवादी ग्रुप के लोग अस्पताल परिसर में बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंचे और वहां लगे कुछ खंभों को तोड़ना शुरू कर दिया. समूह का नेतृत्व कर रहे हिंदूवादी नेता ने दावा किया कि यह स्थान मजार के तौर पर उपयोग हो रहा था और वहां हिन्दू मरीजों का "धर्मांतरण" किया जा रहा था.

Varanasi: देश में मुसलमानों और उनके इबादतगाहों को लेकर नफरत करना आम बात हो गई है. मुसलमानों के इबादतगाहों को देखते ही हिंदूवादी संगठन और दक्षिणपंथी नताओं में नफरत जाग जाती है. देश के अलग- अलग हिस्सों में हर दिर दिन मस्जिदों, दरगाहों समेत मुसलमानों के अन्य इबादगाहों को निशाना बनाया जा रहा है. इन लोगों के अंदर नफरत इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि मुसलमानों या मुसलमानों से संबंधित जगहों को देखते ही हिंसा पर उतारू हो जोते हैं. एक ऐसा ही मामला उत्त प्रदेश के वाराणसी से आया है, जहां हिंदूवादी नेताओं ने अस्पताल के खंभों को मजार का हिस्सा बताते हुए तोड़ दिया. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है…

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, रविवार को वाराणसी के एक सरकारी महिला अस्पताल में कुछ खंभों को हिंदूवादी नेता के नेतृत्व में लोगों के एक समूह ने तोड़ दिया. हिंदूवादी नेताओं ने दावा किया कि ये खंभे मजार का हिस्सा थे और कथित तौर पर धर्मांतरण गतिविधियों से जुड़े हुए थे.

हिंदूवादी नेताओं ने धार्मिक मंत्र पढ़ते हुए कई खंभों को तोड़ दिया. इसके बाद उस स्थान को “शुद्ध” करने के नाम पर लाल रंग से रंग दिया.

धर्मांतरण का आरोप लगाया

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, स्थानीय चश्मदीदों ने बताया कि हिंदूवादी ग्रुप के लोग अस्पताल परिसर में बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंचे और वहां लगे कुछ खंभों को तोड़ना शुरू कर दिया. समूह का नेतृत्व कर रहे हिंदूवादी नेता ने दावा किया कि यह स्थान मजार के तौर पर उपयोग हो रहा था और वहां हिन्दू मरीजों का “धर्मांतरण” किया जा रहा था.

अस्पताल प्रशासन ने क्या कहा?

हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने हिंदूवादी ग्रुप के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. अस्पताल की निदेशक ने एक आधिकारिक पत्र में साफ किया कि ये खंभे किसी धार्मिक ढांचे का हिस्सा नहीं थे, बल्कि इमारत की छत से बारिश का पानी निकालने वाली ड्रेनेज सिस्टम से जुड़े थे.

spot_img
1,716FansLike
6,134FollowersFollow
118FollowersFollow
19,500SubscribersSubscribe