पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की गिरफ्तारी का वारंट जारी, ​धार्मिक भावनाएं भड़काने पर कोर्ट का आदेश

हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ एमपी-एमएलए/एसीजीएम कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. सुल्तानपुर की कोर्ट ने उनको आगामी 24 जनवरी तक पेश होने का आदेश दिया है.

ईटीवी भारत की ख़बर के अनुसार, वर्ष 2014 में स्वामी प्रसाद मौर्य ने हिंदू देवी देवताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी. टिप्पणी को संज्ञान में लेते हुए अधिवक्ता अनिल तिवारी की तरफ से परिवाद जिला सत्र न्यायालय में लाया गया था. परिवाद के विरुद्ध 2016 में भूतपूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य उच्च न्यायालय गए थे, जहां पर स्थगन आदेश भी दिया गया था. न्यायालय में ही जनवरी में स्टे खारिज हो गया था जिसके बाद जिला एवं सत्र न्यायालय से गैर जमानती वारंट जारी किया गया है.

ईटीवी भारत की ख़बर के अनुसार, देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में बुधवार को पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य अदालत में हाजिर नहीं हुए. एमपी-एमएलए/एसीजीएम कोर्ट के न्यायाधीश योगेश यादव ने बुधवार को सुनवाई के दौरान उनकी अनुपस्थिति पर एक बार फिर से गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया. बीते लगभग डेढ़ साल से उनकी उपस्थिति नहीं होने के चलते अदालत से वारंट जारी किया जा रहा है.

आज तक खबर के अनुसार, बता दें कि योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के बाद मंगलवार को तीन और भी विधायकों ने बीजेपी छोड़ दी है. इनमें बांदा (Banda) जिले की तिंदवारी विधायक ब्रजेश प्रजापति, शाहजहांपुर की तिलहर सीट से विधायक रोशनलाल वर्मा और कानपुर के बिल्हौर से विधायक भगवती सागर शामिल हैं. खबर के मुताबिक, इन विधायकों ने स्वामी प्रसाद मौर्य के समर्थन में बीजेपी को छोड़ा है.

spot_img
1,717FansLike
247FollowersFollow
118FollowersFollow
14,200SubscribersSubscribe