Shankaracharya Avimukteshwaranand On CM Yogi: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद माघ मेले के दौरान गंगा स्नान के लिए रोके जाने और बदसलूकी के बाद से सीएम योगी आदित्यनाथ पर हमलावर हैं. इसी बीच सीएम योगी ने विधानसभा में कहा कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं बन सकता. सीएम योगी के इस बयान के बाद अविमुक्तेश्वरानंद ने कड़ा पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि कोई गेरुवा वस्त्र पहनकर साधु नहीं हो सकता है.
‘यहां तो योगी ही राजा बन गया’
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि बाबा गोरखनाथ कहते थे कि राजा गद्दी छोड़कर योगी बन सकता है. कोई योगी राजा की दरवाजे भी नहीं जा सकता. मगर यहां तो योगी ही राजा बन गया. यहां उलटी गंगा बह रही है.
अविमुक्तेश्वरानंद ने CM योगी पर किया जमकर हमला
वहीं इसके साथ ही शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि नजीर है आदित्यनाथ नाम का व्यक्ति, जिसके ऊपर 40 से ज्यादा मुकदमे थे. जब मुख्यमंत्री बने तो सब मुकदमे अपने ऊपर से हटवा लिए. ये कैसा कानून का पालन है? ये क्या कानून में लिखा है कि अगर कोई भी व्यक्ति बड़े पद पर पहुंच जाएगा तो उसके ऊपर से सारे मुकदमे हटा लिए जाएंगे वो अपराधी नहीं रह जाएंगे? ये कहां लिखा है?’
‘शंकराचार्य कैसे होते हैं? बता दें’
‘हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं होता..’ बयान पर अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि कैसे होते हैं? वह बता दें. जिन्हें वह समझते हैं कि शंकराचार्य ऐसे होते हैं, तो वह स्पष्ट करें. क्या जो उनका समर्थन करे वही शंकराचार्य होगा? जो सनातन धर्म की बात करे, वह शंकराचार्य नहीं होता. यह कैसी परिभाषा लेकर आए हैं? ऐसी परिभाषा कभी नहीं रही. सनातन धर्म में शंकराचार्य वह होता है, जो सनातन धर्म के लिए काम करता है. सनातन धर्म का पहला विशेषण सत्य है, जो सच बोले, गौ माता की रक्षा करे और सनातन धर्म की रक्षा करे.
सीएम योगी ने क्या कहा था?
बता दें कि सीएम योगी ने शंकराचार्य पद के विवाद पर विधानसभा में कहा कि आदि जगद्गुरु शंकराचार्य ने अनिवार्य किया है. जिस पीठ के लिए जो योग्य पात्र होगा, उसका मंत्र, उसका भाष्य, आज की भाषा में आप कह सकते हैं थीसिस, विद्वत परिषद द्वारा अनुमोदित होता है. उसके बाद अभिषेक और फिर उस परंपरा द्वारा उसे मान्यता दी जाती है. हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं बन सकता है. हर व्यक्ति हर पीठ के आचार्य के रूप में जाकर यहां- वहां वातावरण खराब नहीं कर सकता. उन मर्यादाओं का पालन सबको करना होगा.

