यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की का बड़ा बयान, बोले- पुतिन से समझौते के लिए तैयार लेकिन…

रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है और आज युद्ध का 26वां दिन है. रूस यूक्रेन के कई शहरों पर बमबारी कर रहा है, यहां तक ​​कि हाइपरसोनिक मिसाइलों का उपयोग भी कर रहा है.

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने रविवार को कहा कि रूस यूक्रेन पर हमला नहीं करता अगर उसका देश उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) का सदस्य होता.

सीएनएन ने एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू के दौरान जेलेंस्की के हवाले से कहा, ‘अगर हम नाटो के सदस्य होते तो जंग शुरू नहीं होती. मैं अपने देश के लिए, अपने लोगों के लिए सुरक्षा गारंटी चाहता हूं. अगर नाटो के सदस्य हमें गठबंधन में देखने के लिए तैयार हैं, तो इसे तुरंत करें क्योंकि हमारे लोग हर रोज़ मर रहे हैं.’

वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की की ओर से बड़ा बयान आया है. उन्होंने कहा, ‘मैं रूस के साथ समझौते के लिए तैयार हूं. उन्होंने कहा कि रूस के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की पुतिन के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं. लेकिन अगर उनकी वार्ता फिर से विफल होगी तो इसका मतलब तृतीय विश्व युद्ध हो सकता है.

बता दें कि रूस की तरफ से यूक्रेन के रिहायशी इलाकों पर हमले लगातार जारी है. इस बीच यूक्रेन के कई इलाके लगभग तबाह हो चुके हैं. वहीं, यूक्रेनी सेना हार मानने को राजी नहीं है. यूक्रेन सेनी रूसी सैनिकों का डटकर सामना कर रही है.

ईटीवी भारत खबर के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (american president joe biden) ने मास्को को सहायता मुहैया नहीं करने के लिए बीजिंग को मनाने को लेकर चीन के नेता के साथ लंबी वार्ता की. अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी देते हुए कहा कि चीन ने रूसियों को सैन्य या वित्तीय सहायता मुहैया करने की कोशिश की तो उसे (चीन को) गंभीर अंजाम भुगतना पड़ेगा (Biden tells xi jinping there will be consequences if china aids russias war in ukraine). वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इजराइल से रूस के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने का अनुरोध किया है.

अमेरिका इस वक्त अपना पूरा ध्यान रूस और यूक्रेन पर लगाए हुए है. उसने मास्को को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि रूस ने यूक्रेन में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया तो उसे कहीं अधिक अंजाम भुगतने पड़ेंगे. जंग के बीच अमेरिका में चीन के राजदूत चिन गेंग यूक्रेन पर रूस के आक्रमण की निंदा नहीं करने को लेकर अपने देश का बचाव कर रहे हैं. उन्होंने कहा है कि ऐसा करने से हिंसा रुकने वाली नहीं है. गेंग ने सीबीएस के कार्यक्रम ‘फेस द नेशन’ में कहा कि चीन के निंदा करने से कोई फायदा नहीं होगा और उन्हें नहीं लगता कि इससे रूस पर कोई फर्क पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि चीन रूस का पड़ोसी देश होने के नाते उससे दोस्ताना और अच्छे संबंध रखता है और उसके साथ ‘सामान्य व्यापार, आर्थिक, वित्तीय व ऊर्जा सहयोग’ जारी रहेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन में जारी युद्ध में रूस की मदद करने को लेकर पिछले सप्ताह चीन के अपने समकक्ष शी चिनफिंग को आगाह किया था. यूक्रेन भी चीन से अनुरोध कर रहा है कि वह पश्चिमी देशों और जापान की तरह रूस के आक्रमण की निंदा करे. गेंग ने रविवार को कहा कि चीन रूस को किसी भी प्रकार की सैन्य सहायता प्रदान नहीं कर रहा. उन्होंने कहा कि चीन हमेशा से युद्ध के खिलाफ रहा है.

बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है. इस युद्ध में अब तक हज़ारों लोगों की जानें जा चुकी हैं और कई हज़ार लोग घायल भी हुए है. युद्ध के चलते अब तक 65 लाख लोग यूक्रेन में विस्थापित हो चुके हैं.

रूस और यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine war) पर पूरी दुनिया की नजर है. इस वक्त पूरा विश्व इस बात को लेकर चिंतित है कि कहीं यह जंग आगे चलकर तीसरे विश्व युद्ध में न तब्दिल हो जाए. बैठकों का दौर जारी है. अमेरिका, भारत समेत अन्य विश्व की शक्तिशाली देश इस युद्ध को रोकने का उपाय खोज रही हैं.

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