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‘कारगिल युद्ध में देश के लिए लड़े…’ पूर्व मुस्लिम सैनिक के परिवार से अब मांगी जा रही है भारतीय नागरिकता

कारगिल युद्ध में लड़ चुके पूर्व सैनिक हकीमुद्दीन शेख ने कहा कि मैंने करगिल युद्ध में देश के लिए लड़ा है. मेरी पूरी जिंदगी इस देश को समर्पित रही है. आज मेरे परिवार को अपनी नागरिकता साबित करनी पड़ रही है. ये बहुत शर्मनाक है.

Pune: देश में मुसलमानों को बेबुनियाद आधार पर परेशान करना आम बात हो गई है. एक ऐसा ही हैरान कर दने वाला मामला पुणे के चंदननगर से आया है. यहां कारगिल युद्ध के एक पूर्व सैनिक के परिवार को अपनी भारतीय नागरिकता साबित करनी पड़ रही है.

हिंदूत्ववादी लोगों ने मांगे नागरकिता के दस्तावेज

रिपोर्टों के अनुसार, पूर्व सैनिक 58 वर्षीय हकीमुद्दीन शेख के परिवार ने आरोप लगाया कि 26 जुलाई की रात हिंदुत्ववादी संगठन से जुड़े लगभग 80 लोग उनके घर में घुस गए, जिसमें बिना वर्दी के पुलिस वाले भी थे. इसके साथ ही उन्होंने उन पर बांग्लादेशी होने का आरोप लगाते हुए उनसे भारतीय नागरिकता के दस्तावेजों की मांग की.

देश के लिए की सेवा

परिवार के सदस्य इरशाद शेख ने बताया कि उनके बड़े भाई हकीमुद्दीन शेख अभी उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में रहते हैं. वह भारतीय सेना में सेवारत थे और कारगिल युद्ध में भाग लिया था. वे साल 2000 में इंजीनियर्स रेजिमेंट से हवलदार के पद से रिटायर हुए हैं.

परिवार के सदस्यों से मांगे आधार कार्ड

उन्होंने कहा कि मेरे बड़े भाई उत्तर प्रदेश में रहते हैं, जबकि मैं अपने दो भाइयों और उनके बच्चों के साथ पिछले कई दशकों से पुणे के चंदननगर इलाके में रह रहा हूं. शनिवार की आधी रात को लगभग 80 लोग अचानक हमारे घर के सामने आ पहुंचे, जिनमें कई लोग घर के अंदर घुस गए. परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड मांगने लगे. जब हमने दस्तावेज दिखाए, तो उन्होंने कहा कि यह फर्जी हैं.

सेना के परिवार पर बांग्लादेशी होने का आरोप लगाया

इरशाद शेख ने कहा कि उन्होंने हिंदुत्ववादी संगठन के लोगों को समझाने की कोशिश की उनका परिवार पिछले 60 सालों से यहां रह रहा है और उनके बड़े भाई के अलावा, उनके दो चाचा भी सेना में सेवा दे चुके हैं. परंतु वह नहीं माने और गालियां दीं और हम पर बांग्लादेशी होने का आरोप लगाया.

हकीमुद्दीन शेख ने कहा कि यह बहुत शर्मनाक

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हकीमुद्दीन शेख ने कहा कि मैंने करगिल युद्ध में देश के लिए लड़ा है. मेरी पूरी जिंदगी इस देश को समर्पित रही है. आज मेरे परिवार को अपनी नागरिकता साबित करनी पड़ रही है. ये बहुत शर्मनाक है.

पुलिस ने क्या कहा?

इस घटना पर पुलिस उपायुक्त (जोन 4) सोमय मुंडे ने कहा कि हकीमुद्दीन शेख के घर में ज्यादा लोगों के घुसने जैसी कोई घटना नहीं हुई. हालांकि, उन्होंने कहा कि कुछ पुलिसकर्मी उनके दस्तावेजों की जांच के लिए वहां जरूर गए थे.

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