Canada Will Recognise Palestine: फ्रांस और ब्रिटेन के बाद कनाडा ने भी फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के तौर में मान्यता देने का ऐलान किया है. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (PM Mark Carney) ने कहा कि फिलिस्तीन को मान्यता औपचारिक रूप से सितंबर 2025 में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान दी जाएगी.
बता दें कि कनाडा के इस ऐलान के बाद कनाडा, फ्रांस और ब्रिटेन के बाद G7 का तीसरा देश बन गया है जिसने फिलिस्तीन को राष्ट्र के रूप में मान्यता देने का ऐलान किया है.
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने क्या कहा?
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट करते हुए कहा कि कनाडा लंबे समय से दो- राज्य समाधान के लिए प्रतिबद्ध रहा है. एक स्वतंत्र, व्यवहार्य और संप्रभु फिलिस्तीनी राज्य जो इजरायल राज्य के साथ शांति और सुरक्षा के साथ रह सके.
‘द्वि-राज्य समाधान की संभावनाएं लगातार गंभीर’
मार्क कार्नी ने कहा कि दशकों से, यह उम्मीद की जा रही थी कि इजराइली सरकार और फिलिस्तीनी प्राधिकरण के बीच बातचीत के जरिए शांति बाहाल होगी, लेकिन यह नहीं हो सका. द्वि-राज्य समाधान की संभावनाएं लगातार गंभीर और कमजोर होती जा रही है.
आगे कहा कि गाजा में तेजी से बिगड़ती मानवीय आपदा को रोकने में इजराइली सरकार की निरंतर विफलता नजर आ रही है. इससे गाजा में भोजन और अन्य जरूरी मानवीय आपूर्ति बाधित हो रही है.
Canada has long been committed to a two-state solution — an independent, viable, and sovereign Palestinian state living side by side with the State of Israel in peace and security.
My statement on Canada’s recognition of a Palestinian state: pic.twitter.com/VHW1ziQ9s0
— Mark Carney (@MarkJCarney) July 30, 2025
इन्हीं समस्याओं को देखते हुए कनाडा ने सितंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में फिलिस्तीन राज्य को मान्यता देने का फैसला किया है.
फिलिस्तीन के सामने भी रखी कुछ शर्तें
कनाडा ने इसके साथ ही फिलिस्तीन के सामने भी कुछ शर्तें रखी है. कनाडा की शर्त यह है कि फिलिस्तीन को अगले वर्ष चुनाव कराना अनिवार्य होगा, जो कि 2006 के बाद पहली बार होगा. वहीं इस चुनाव और शासन में हमास की कोई भागीदारी नहीं होगी.
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कनाडा ने इसके साथ ही फिलिस्तीनी अथॉरिटी को 63 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया है. इससे भविष्य में राज्य का ढांचा तैयार किया जाएगा. साथ ही, कनाडा ने 190 करोड़ रुपए की मानवीय सहायता देने की भी घोषणा की है.
गाजा में भूखमरी से 154 लोगों की मौत
बता दें कि इजराइली सैनिकों के घातक हमले में सैकड़ों मासूम फिलिस्तीनी हर दिन मारे जा रहे हैं. वहीं दूसरी ओर इजराइली सैनिकों के नाकाबंदी और मानवीय सहायता रोक दिए जाने के कारण गाजा में भूखमरी के हालात पैदा हो गए हैं. गाजा में भूखमरी के कारण मरने वालों की संख्या 154 हो गई है.
इजराइली हमलों में इतने फिलिस्तीनी मारे गए
इजराइल पिछले लगभग 22 महीनों से गाजा में हमले कर रहा है. इस हमले हर दिन फिलिस्तीनी मारे जा रहे हैं. वहीं इसके साथ ही अब भूखमरी के कारण भी फिलिस्तीनी मारे जा रहे हैं. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजराइल द्वारा गाजा में लगातार किए जा रहे हमलों से कम से कम 60,138 फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जबकि 146,269 लोग घायल हुए हैं. इनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चें शामिल हैं.

