Israel killed five journalists: इजराइल गाजा पर लगातार नरसंहार कर रहा है. इसके साथ ही इजराइल गाजा में हो रहे जुल्म को दिखाने वाले पत्रकारों को भी निशाना बना रहा है. इजराइल ने बीते कल यानी कि 10 अगस्त को गाजा के अल-शिफा अस्पताल के बाहर एक पत्रकार टेंट को निशाना बनाते हुए पांच पत्रकारों को मार डाला. मारे गए सभी पत्रकार प्रमुख मीडिया संस्थान अल जजीरा के थे. अल जजीरा ने इस घटना की जानकारी दी.
इजराइल के इस करतूत की अल जजीरा ने कड़ी निंदा की. मीडिया संस्थान ने इसे गाजा पर कब्जे और वहां हो रहे जुल्म को उजागर करने वाली आवाजों को चुप कराने का एक प्रयास बताया.
अल जजीरा ने क्या कहा?
अल जजीरा ने कहा कि हमारे लिए सबसे कठिन बात यह है कि हमारे पांच सहकर्मियों की मौत हो गई है. यह सभी गाजा स्ट्रिप के उत्तरी भाग में हो रहे अत्याचारों को कवर कर रहे थे.
यह पत्रकार मारे गए
बता दें कि इजराइल के इस घातक हमले में अल जजीरा के संवाददाता अनस अल-शरीफ और मोहम्मद करीकेह, कैमरामैन इब्राहिम जाहर और मोअमेन अलीवा, और उनके सहायक मोहम्मद नौफाल मारे गए.
इजराइली सेना ने पत्रकारों पर लगाए गंभीर आरोप
वहीं दूसरी इजराइली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने मारे गए पत्रकारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इजराइली सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट करते हुए कहा कि अल-शरीफ हमास के एक आतंकवादी समूह का प्रमुख थे. वे खुद को अल जजीरा पत्रकार बताते थे. साथ ही यह भी कहा कि उन्होंने इजराइली नागरिकों और आईडीएफ सैनिकों पर रॉकेट हमले किए थे.
🎯STRUCK: Hamas terrorist Anas Al-Sharif, who posed as an Al Jazeera journalist
Al-Sharif was the head of a Hamas terrorist cell and advanced rocket attacks on Israeli civilians and IDF troops.
Intelligence and documents from Gaza, including rosters, terrorist training lists and… pic.twitter.com/ypFaEYDHse— Israel Defense Forces (@IDF) August 10, 2025
IDF ने आगे कहा कि उनके पास गाजा से मिली खुफिया जानकारी, दस्तावेज, ट्रेनिंग लिस्ट और वेतन रिकॉर्ड जैसे सबूत हैं, जो साबित करते हैं कि अल-शरीफ, हमास के कार्यकर्ता थे.
इजराइली हममें में अब तक इतने पत्रकार मारे जा चुके हैं
पत्रकारों को मारने पर इजराइल का दुनिया भर के मीडिया संस्थानों में विरोध हो रहा है. न्यूयॉर्क स्थित कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2023 से अब तक कम से कम 186 पत्रकार मारे जा चुके हैं, जबकि अलग-अलग मीडिया संस्थानों से ताल्लुक रखने वाले 90 पत्रकारों को इजराइल ने हिरासत में लिया है.

