Who Is Ahmed Al Ahmed: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर के बॉन्डी बीच (Bondi Beach Attack) पर बीते कल यानी रविवार, 14 दिसंबर की शाम को भारी गोलिबारी हुई. इस गोलीबारी में अब तक 15 लोगों के मारे जाने की खबर है. इस घटना में शामिल दो हमलावरों में से एक हमलावर भी मारा गया. वहीं इस गोलीबारी के दौरान अहमद अल अहमद नामक मुस्लिम युवक निहत्थे ही बंदूकधारी हमलावर से भिड़ गए और कई लोगों की जान बचाई. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग उन्हें रियल हीरो बता रहे हैं. वहीं ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी जाने बचाने वाले इस बाहदुर युवक की जमकर तारीफ की. तो आईए जानते हैं कि अपनी जान की परवाह किए बिना कई लोगों की जान बचाने वाले अहमद अल अहमद कौन हैं.
अभी तक 15 लोगों की मौत
सिडनी शहर में बॉन्डी बीच पर हुई मास शूटिंग में अभी तक 15 लोगों मारे जाने की खबर हैं, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं. वहीं गोलीबारी कर रहे दो हमलावारों में से एक को पुलिस ने मार गिया, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है.
अधिकारियों ने इस गोलीबारी को आतंकी घटना बताया है और कहा है कि इसका मकसद हनुक्का के पहले दिन सिडनी के यहूदी समुदाय को निशाना बनाना था. समुद्र तट पर “हनुक्का बाय द सी” नाम के एक कार्यक्रम के लिए सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए थे, जहां यहूदी त्योहार की शुरुआत मनाई जा रही थी.
इस गोलीबारी के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना बंदूकधारी हमलावार से भिड़ने वाले अहमद अल अहमद इंटरनेट पर छाए हुए हैं. लोग उन्हें बहादुरी की तारीफ कर रहे हैं.
निहत्थे अहमद अल अहमद ने आतंकी को पकड़ा, कई लोगों की जान बचाई.
सिडनी के बोंडी बीच में हमले के दौरान 43 वर्षीय अहमद अल अहमद ने निहत्थे ही एक आतंकी को पकड़ते हुए कई लोगों की जान बचाई. इस दौरान उन्हें दो गोलियां भी लगी. इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोग उन्हें रियल हीरो बता… pic.twitter.com/yL9tXVzoSa
— SADAA Times (@SADAA_Times) December 15, 2025
कौन हैं अहमद अल अहमद..?
News.com.au की रिपोर्ट के मुताबिक, निहत्थे हमलावरों से भिड़ने वाले युवक का नाम अहमद अल अहमद है. 43 वर्षीय अहमद सिडनी के रहने वाले हैं और सदरलैंड में फलों की दुकान चलाते हैं.
वहीं 7News के अनुसार, अहमद अल अहमद के चचेरे भाई मुस्तफा ने बताया कि अहमद दो बच्चों के पिता है. उन्हें इस बहादुरी का काम करने के दौरान दो गोलियां लगी. मुस्तफा ने आगे बताया कि वह अस्पताल में है. हमें उम्मीद है कि वह ठीक हो जाएगा. वह रियल हीरो है.
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अहमद अल अहमद को बंदूकों का कोई अनुभव नहीं था, लेकिन वो हमले के दौरान वहां से गुजार रहे थे और बिना कुछ सोचे समझे हमलालरों से भिड़ गए और कई लोगों की जानें बचाई.
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने की तारीफ
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने अल अहमद की बहादुरी पर कहा कि आज हमने देखा कि ऑस्ट्रेलियाई लोगों ने दूसरों की मदद के लिए खुद पर खतरा मोल ले लिया. ये ऑस्ट्रेलियाई हीरो हैं, और उनकी बहादुरी ने जानें बचाई हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी व्हाइट हाउस में क्रिसमस रिसेप्शन के दौरान बोलते हुए अहमद की तारीफ की और कहा कि उनके मन में अहमद के लिए “बहुत सम्मान” है. वह वाकई एक बहुत, बहुत बहादुर इंसान हैं, जिन्होंने सामने से जाकर एक शूटर पर हमला किया और कई जिंदगियां बचाईं.

