India- UAE bilateral cooperation: पीएम मोदी के न्योते पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan) 19 जनवरी 2026 को भारतीय दौरे पर आए. इस दौरान दोनों देशों के बीच ऊर्जा रक्षा, समेत कई अन्य बड़े समझौते पर हस्ताक्षर हुए.
PM मोदी ने शेयर की तस्वीरें
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि अपने भाई, महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की मेजबानी करके मुझे बहुत खुशी हुई. दिल्ली आने के उनके इस कदम से मैं बहुत प्रभावित हूं. हमने भारत–UAE की कई तरह की दोस्ती को और मजबूत बनाने के मकसद से कई मुद्दों पर बात की.
It was a great pleasure to host my brother, His Highness Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan, at 7, Lok Kalyan Marg. I am deeply touched by his gesture of visiting Delhi this evening. We discussed a wide range of issues aimed at further strengthening the multifaceted India-UAE… pic.twitter.com/yzXAt7Mx43
— Narendra Modi (@narendramodi) January 19, 2026
2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा
दोनों देश के नेताओं ने 2022 में व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर हस्ताक्षर के बाद व्यापार और आर्थिक सहयोग में हुई मजबूत बढ़ोतरी का स्वागत किया. उन्होंने बताया कि द्विपक्षीय व्यापार तेजी से बढ़ा है और वित्त वर्ष 2024–25 में यह 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया. साथ ही उन्होंने ने 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 200 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया.
पीएम मोदी और शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने माइक्रो, स्मॉल और मीडियम सेक्टर एंटरप्राइजेज (MSMEs) को जोड़ने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया. इस संदर्भ में उन्होंने ‘भारत मार्ट’, ‘वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर’ और ‘भारत-अफ्रीका सेतु’ जैसी प्रमुख पहलों को तेजी से लागू करने पर जोर दिया, ताकि मध्य पूर्व, पश्चिम एशिया, अफ्रीका और यूरेशिया क्षेत्र में MSME उत्पादों को बढ़ावा दिया जा सके.
स्पेस सेक्टर को मजबूत करने पर सहमति जताई
दोनों नेताओं ने स्पेस सेक्टर में सहयोग और मजबूत करने पर सहमति जताई. इस संदर्भ में उन्होंने स्पेस साइंस और टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाकर इस क्षेत्र के व्यावसायीकरण को बढ़ावा देने वाली एक संयुक्त पहल पर बनी सहमति का स्वागत किया. इस पहल का मकसद एंड-टू-एंड इंफ्रास्ट्रक्चर और एक मजबूत इंडस्ट्रियल बेस के साथ एक इंटीग्रेटेड स्पेस इकोसिस्टम बनाना है.
इसके जरिए भारत– UAE के संयुक्त अंतरिक्ष मिशनों को बढ़ावा मिलेगा, वैश्विक स्तर पर वाणिज्यिक सेवाओं का विस्तार होगा, उच्च कौशल वाले रोजगार और स्टार्ट- अप्स को बढ़ावा मिलेगा तथा टिकाऊ कारोबारी मॉडल के माध्यम से द्विपक्षीय निवेश को मजबूती मिलेगी.
दोनों देशों के नेताओं ने द्विपक्षीय ऊर्जा साझेदारी की मजबूती पर संतोष जताया और भारत की ऊर्जा सुरक्षा में UAE के योगदान को रेखांकित किया. उन्होंने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और ADNOC गैस के बीच हुए 10 साल के एलएनजी आपूर्ति समझौते का स्वागत किया, जिसके तहत 2028 से हर साल 5 लाख टन तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की आपूर्ति की जाएगी.
नेताओं ने सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (SHANTI) कानून के लागू होने का भी स्वागत किया और कहा कि इससे असैन्य परमाणु सहयोग को और मजबूत करने के नए अवसर पैदा होंगे. दोनों पक्षों ने उन्नत परमाणु तकनीकों में साझेदारी की संभावनाएं तलाशने पर सहमति जताई, जिसमें बड़े परमाणु रिएक्टरों और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स (SMRs) का विकास और तैनाती, उन्नत रिएक्टर प्रणालियों पर सहयोग, परमाणु बिजली संयंत्रों का संचालन और रखरखाव तथा परमाणु सुरक्षा शामिल है.

