Pakistan News: सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच मक्का डिफेंस एग्रीमेंट होने के बावजूद यमन के हूती विद्रोही लगातार सऊदी पर हमले कर रहे हैं. इसी कड़ी में बीते मंगलवार (8 सितंबर) को सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर भीषण हमला किया, जिसमें लगभग 73 लोग गंभीर तौर पर घायल हो गए. पाकिस्तान ने हूती विद्रोही के इस हमले की निंदा की. पाकिस्ता के रक्षा मंत्री ने मक्का एग्रीमेंट एक्टिवेट करने की धमकी दी. मक्का एग्रिमेंट के मुताबिक समझौते में शामिल तीनों मुल्कों में से किसी एक पर हमला, तीनों मुल्कों पर हमला माना जाएगा और तीनों मुल्क मिलकर संबंधित हमले का जवाब दे सकते हैं.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ़ ने सऊदी तेल ठिकानों पर हूती विद्रोहियों के हमले के बाद चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि अगर यमन का संघर्ष रियाद तक फैल जाता है, तो पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुआ तीन-पक्षीय मक्का डिफेंस एग्रिमेंट लागू हो सकता है. बीते मंगलवार रात एक न्यूज़ शो में होस्ट ने सऊदी अरब पर हूथी हमलों का ज़िक्र करते हुए ख्वाजा आसिफ से पूछा कि क्या यह (मक्का डिफेंस एग्रीमेंट) रणनीतिक समझौता लागू किया जा सकता है? इस सवाल का जवाब देते हुए ख्वाजा आसिफ ने कहा कि कोई “अस्पष्टता” नहीं है क्योंकि समझौते में साफ़ कहा गया है कि किसी एक पक्ष के ख़िलाफ़ आक्रामकता का मतलब सभी के ख़िलाफ़ आक्रामकता है.
“हम इस समझौते की शर्तों से बंधे हैं और ज़रूरत पड़ने पर उनका पालन करेंगे.”- ख्वाजा आसिफ
उन्होंने कहा, “यह एक संयुक्त रक्षा समझौता है और बिना उकसावे के आक्रामकता या यमन में जो हो रहा है उसका सऊदी अरब तक फैलने की स्थिति में, यकीनी तौर पर यह समझौता लागू हो जाएगा; इसमें कोई शक नहीं होना चाहिए.” उन्होंने कहा, “हम इस समझौते की शर्तों से बंधे हैं और ज़रूरत पड़ने पर उनका पालन करेंगे.” आसिफ़ ने आगे कहा कि यह समझौता “आक्रामक स्वभाव का नहीं” है, और “अगर किसी एक सदस्य देश के ख़िलाफ़ आक्रामकता होती है, तो तीनों सदस्य देश उसी तरह जवाब देंगे.”इसे भी पढ़ें: सहारनपुर के बाद मुरादाबाद की मस्जिद पर मंडराया बुलडोजर एक्शन का खतरा, प्रशासन ने जारी किया नोटिस

