Houthi Attacks Saudi: यमन में सऊदी समर्थित सरकार और हूती विद्रोहियों के बीच लड़ाई जारी है, जिसमें हूती विद्रोही भारी पड़ रहे हैं. यह जंग सऊदी को भी अपनी चपेट में ले चुकी है. सऊदी और हूती एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं. सऊदी अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार सुबह कई शहरों के लिए चेतावनी जारी किए जाने के बीच, यमन के हूती मिलिशिया के हमलों में सऊदी अरब में 13 आम नागरिक घायल हो गए.
हूतियों ने इससे पहले सोमवार को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से खमीस मुशायत, आभा और ताइफ़ में आम नागरिकों वाले इलाकों को निशाना बनाया था. सऊदी अरब के सिविल डिफेंस ने देश के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में कई शहरों के लिए अलर्ट जारी किया, जिनमें आभा, जेद्दा, जाज़ान, ताइफ़, यानबू और अल-उला शामिल हैं. बयान में कहा गया, “हूती सऊदी में आम नागरिकों और नागरिक ठिकानों पर अपने घिनौने और जानबूझकर किए जाने वाले हमले जारी रखे हुए है.”
हूतियों को ईरान का और यमन की आधिकारिक सरकार को सऊदी अरब का समर्थन और मदद प्राप्त है. इस संघर्ष के बीच पिछले दिनों इराक की सीमा से ईरान समर्थित मिलिशिया ग्रुप ने सऊदी की ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन पर ड्रोन हमला किया, जिसके बाद सऊदी को संबंधित तेल पाइपलाइन को बंद करना पड़ा. हालांकि सऊदी ने इराक के खिलाफ कोई कार्रवाई करने से मना कर दिया. दोनों देशों के विदेश मंत्री ने इस हमले को लेकर फोन पर बातचीत की. इराक के विदेश मंत्री ने सऊदी को यह आश्वासन दिया कि वह इस हमले की जांच करके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे. इसी कड़ी में इराक ने ईरान के साथ लगने वाले एक बॉर्डर गेट को बंद कर दिया.
इराक ने सऊदी तेल पाइपलाइन पर हुए हमले को लेकर जांच अभियान शुरू कर दिया. इराक़ के मैसान प्रांत के जगह से शुरू किए गए थे. इसके बाद इराक के प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री और सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ़ अली फ़ालिह अल-ज़ैदी ने मैसान ऑपरेशंस कमांड की लीडरशिप की जांच के लिए एक कमेटी गठित करने का आदेश दिया है. इसके साथ ही मैसान प्रांत के ऑपरेशंस कमांडर को उनके पद से हटा दिया गया है.

