‘एक मस्जिद में एजुकेशन प्रोग्राम शुरू होना, एक यूनिवर्सिटी क़ायम करने से बड़ा काम है:’ फाउंडर शाहीन ग्रुप

शाहीन ग्रुप ऑफ़ इंस्टीटूशन्स के फाउंडर और डायरेक्टर डॉक्टर अब्दुल क़दीर ने सदा टाइम्स से खास बातचीत की. उन्होंने बताया कि शाहीन ग्रुप ने हाल ही में ‘हिंदुस्तान में मदारिस का तालीमी निजाम, मसायल और मवाक़े’ टॉपिक पर दो रोज का दिल्ली में प्रोग्राम किया जिसमें मुल्क भर से आये मदारिस के उलमा और स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया.

उन्होंने कहा कि आज के वक़्त में एजुकेशन का दायरा बढ़ गया है और हम चाहते हैं कि हाफिज, आलिम लोग पढ़ें लिखें, आगे बढ़ें, डॉक्टर बनें, इंजीनियर बनें.

उन्होंने कहा कि हाफिज स्टूडेंट्स जो NEET की तैयारी करना चाहते हैं शाहीन ग्रुप उनसे 50 फीसदी फीस लेती है और अगर कोई बहुत परेशान है या ज़्यादा ज़रूरतमंद है तो उसको 100 फीसदी छूट दी जाती है.

कर्नाटक में होने वाले हिजाब विवाद पर शाहीन अकादमी के डायरेक्टर डॉक्टर अब्दुल क़दीर ने कहा कि यह मामला सिर्फ 5 फीसदी कॉलेजों में है. उन्होंने कहा कि स्कूल कमेटी यह तय करेगी कि लड़कियां हिजाब में आएं और हिजाब में ही अपना एजुकेशन पूरा करें. उन्होंने कहा कि यह मामला जो हिजाब का शुरू हुआ है जल्द हल हो जायेगा और सब लोग शिक्षा हासिल करेंगे.

मसाजिद को एजुकेशन से जोड़ने में शाहीन ग्रुप कितनी कामयाब हुई इस सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरी नज़र में एक मस्जिद में एजुकेशन प्रोग्राम शुरू होना, एक यूनिवर्सिटी क़ायम करने से बड़ा काम है. उन्होंने कहा कि मसाजिद से अब लोगों को जोड़ा जायेगा और दावत का काम लिया जायेगा, खिदमत का काम लिया जायेगा और मसाजिद के ज़रिये एजुकेशन को आगे बढ़ाया जायेगा.

शाहीन ग्रुप के डायरेक्टर ने कहा कि हमारे मुल्क को शाहीन जैसे 500 इदारों की जरुरत है जिस से देश में एजुकेशन को आगे बढ़ाया जा सके और गरीब और दूसरे लोगों को शिक्षा से जोड़ा सा सके.

क्या शाहीन अकादमी उलमा ए मदारिस के जिम्मेदारों को शाहीन ग्रुप पैटर्न पर मदरसा चलाने पर कन्वेंस करने में कामयाब हुई इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हम लोगों ने शुरू कर दिया है और लोगों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है. अधिक जानकारी के लिए इंटरव्यू देखें ……

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