जोधपुर हिंसा: 97 गिरफ्तार, कई इलाकों में कर्फ्यू, मुख्यमंत्री ने कही बड़ी बात

राजस्थान के जोधपुर में सोमवार रात दो समूहों के बीच हुई झड़प के सिलसिले में कम से कम 97 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

झड़प मंगलवार को भी जारी रही, जिसके बाद इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया और 10 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया.

डेलीहंट न्यूज़ के आनुसार, मंडलायुक्त ने मंगलवार को पूरे जोधपुर जिले (जोधपुर कमिश्नरी सहित) में शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने और अफवाहों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया.

संभागीय आयुक्त हिमांशु गुप्ता द्वारा जारी आदेश के अनुसार: ‘2जी/3जी/4जी/डेटा (मोबाइल इंटरनेट), बल्क एसएमएस, एमएमएस/व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया (वॉयस कॉल, ब्रॉडबैंड इंटरनेट, लीज थ्रू इंटरनेट सर्विस) प्रदाता इंटरनेट सेवाएं, लाइनों को छोड़कर, निलंबित कर दी गई हैं. यह प्रतिबंध अगले आदेश तक जारी रहेगा.’

झड़प पहले सोमवार देर रात हुई थी.

जालोरी गेट चौराहे पर सोमवार को रात करीब 11.30 बजे कुछ लोगों द्वारा झंडा फहराए जाने के बाद हिंसा शुरू हुई. इसका वीडियो बना रहे एक शख्स की कुछ युवकों ने पिटाई कर दी. कुछ लोग उसके बचाव में आए तो उनकी भी पिटाई कर दी. इसके बाद दूसरे गुट ने पथराव शुरू कर दिया. पथराव में पुलिस उपायुक्त पूर्व और उदयमंदिर एसएचओ घायल हो गए.

जालोरी गेट पर झंडा फहराने को लेकर मंगलवार सुबह फिर से हिंसा भड़क गई. पुलिस ने बदमाशों पर लाठीचार्ज किया, आंसूगैस के गोले दागे और भीड़ को तितर-बितर किया.

तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए 10 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया है.

इस बीच, पुलिस आयुक्तालय ने आंशिक रूप से संशोधित आदेश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि विभिन्न स्कूल परीक्षाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों, शिक्षकों और परीक्षा कार्य में लगे कर्मचारियों को कर्फ्यू के दौरान आने-जाने की अनुमति दी जाएगी.

चिकित्सा आपातकालीन सेवाओं, चिकित्सा कर्मचारियों, बैंक कर्मचारियों, न्यायिक सेवाओं से संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों, पत्रकारों और मीडियाकर्मियों को पहचानपत्र या दस्तावेज दिखाने की जरूरत होगी.

विशेष परिस्थितियों में, आवश्यक होने पर संबंधित सहायक पुलिस आयुक्त कर्फ्यू में बाहर जाने की अनुमति दे सकेंगे. बाकी आदेश यथावत रहेंगे.

एडीजी कानून-व्यवस्था हवा सिंह घूमरिया ने बताया कि जोधपुर में कर्फ्यू का सख्ती से पालन कराया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि जिले में करीब 1,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और छोटी हो या बड़ी, हर घटना पर कड़ी नजर रखी जा रही है.

इस बीच, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस और प्रशासन को सांप्रदायिक सद्भाव और भाईचारे को बिगाड़ने वाली घटनाओं के लिए जिम्मेदार असामाजिक तत्वों की पहचान करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया. उन्होंने जोधपुर की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया.

मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में एक उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए गहलोत ने कहा कि कोई अपराधी, चाहे किसी भी धर्म, जाति या वर्ग का हो, उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए. उन्होंने आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की.

उन्होंने राज्य के गृहमंत्री राजेंद्र सिंह यादव, जोधपुर के प्रभारी मंत्री सुभाष गर्ग, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह अभय कुमार और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) हवा सिंह घुमरिया को तुरंत जोधपुर जाने का निर्देश दिया.

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