Hyderabad News: बीते 31 अगस्त को मद्रास रेजिमेंट की आर्मरी से हथियार, गोला-बारूद और नाइट-विजन डिवास चोरी हो गई थी. इस घटना के बाद रेजिमेंट में हड़कंप मच गया. अब इस मामले में हैदराबाद कमिश्नर की टास्क फोर्स ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार (11 सितंबर) को एक रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर और तीन सर्विंग आर्मी ऑफिसर को हिरासत में लिया गा है. इस मामले में जांच करने, हथियार चोरी करने वाले दोषियों की पहचान करने के लिए टास्क फोर्स ने 12 टीमें बनाई थी. वहीं, आतंकवाद एंगल की आशंका के बीच मिलिट्री इंटेलिजेंस, डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी, डायरेक्टरेट ऑफ़ मिलिट्री इंटेलिजेंस, मिलिट्री पुलिस और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को भी शामिल किया गया था.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जिस रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर ने इस चोरी को अंजाम दिया है, वह दो महीने पहले ही सर्विस से रिटायर्ड हुआ था. इस चोरी में रिटायर्ड ऑफिसर का साथ कथित तौर पर तीन सर्विंग आर्मी ऑफिसर ने भी दी. टास्क फोर्स के गहन सर्च ऑपरेशन के बाद संदिग्धों की पहचान की गई. शुक्रवार तड़के हैदराबाद के बाहरी इलाके में एक बड़ा ऑपरेशन चलाया और चारों लोगों को हिरासत में ले लिया. चोरी हुए हथियार और गोला-बारूद भी बरामद कर लिए गए हैं
मद्रास रेजिमेंट की आर्मरी से चोरी हुए हथियार और गोला-बारूद भी बरामद कर लिए गए
बता दें कि मद्रास रेजिमेंच की आर्मरी से बीते 31 अगस्त को एक रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर ने तीन सर्विंग आर्मी ऑफिसर की मदद से बड़े पैमाने पर हथियार गायब किए, जिसमें AK-203 राइफलें, एक INSAS राइफल और पिस्तौलें, साथ ही गोला-बारूद और एक नाइट-विज़न डिवाइस शामिल है. इस चोरी की खबर तब लगी, जब 31 अगस्त को जब सैनिकों ने आर्मरी और बटालियन मैगज़ीन के ताले टूटे हुए पाए और कई सर्विस हथियार गायब मिले. शक है कि रिटायर्ड ऑफिसर बुरी आदतों की लत के कारण चोरी में शामिल था.

