Saharanpur Mosque Demolition: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद ऐतिहासिक मस्जिद को प्रशासन ने बीते 5 सितंबर को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया. इस कार्रवाई से पूरे मुल्क के मुसलमान खासकर सहारनपुर के मुसलमान गम में हैं. मुस्लिम समुदाय का कहना है कि उनके धार्मिक स्थलों को जानबूझकर टार्गेट किया जा रहा है. संबंधित मस्जिद के मलबे से क्षत-विक्षत कुरान पाक मिलने से मकामी मुस्लिम लोगों की धार्मिक भावनाए आहत हुई. वहीं, कट्टरपंथी महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि मस्जिद के ध्वस्त होने से बेहद खुश नजर आ रहे हैं. उन्होंने मुस्लिम समाज के जख्मों पर नमक छिड़कते हुए इस कार्रवाई के लिए प्रशासन को बधाई दी है. साथ ही विवादित बयान दिया है.
एक तरफ सहारनपुर के मकामी हिंदू समाज के लोग मस्जिद ध्वस्तीकरण से खुश नहीं है और वे इस मुश्किल वक्त में अपने मुस्लिम भाई के साथ खड़े हैं और उनके लिए सहानुभूति वक्त कर रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर कट्टरपंथी महामंडलेश्वर समाज में जहर घुलने की कोशिश कर रहे हैं. उमहामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि त्तराखंड से चलकर सहारनपुर स्थित SSP दफ्तर पहुंचे और उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर इस कार्रवाई के लिए बधाई दी. उन्होंने आगे विवादित बयान देते हुए कहा कि जिन लोगों को इस कार्रवाई से दिक्कत है, वे पाकिस्तान या बांग्लादेश चले जाएं. उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास पाकिस्तान या बांग्लादेश जाने का किराया नहीं है तो वह उनसे पैसे ले सकता है. उन्होंने कहा कि वह किराया देने के लिए भी तैयार हैं.
उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट में शासन-प्रशासन से जुड़े काम होते हैं, यहां नमाज पढ़ने का कोई औचित्य नहीं बनता है. मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद उसी स्थान पर मिले एक कुएं का जिक्र करते हुए कहा कि हिंदू धर्म में कुएं वा का धार्मिक महत्व माना जाता है. उन्होंने इस मामले की जांच की मांग की है.

