Allahabad HC Saharanpur Mosque Demolition: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मौजूद लगभग 100 साल पुरानी ऐतिहासिक मस्जिद को मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश के बाद बीते 5 सितंबर को ध्वस्त कर दिया गया. इस ध्वस्तीकरण से मकामी मुस्लिम समुदाय में आक्रोश है. उनका कहना है कि मस्जिद वैध था. अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है. सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद के ध्वतीकरण के बाद मुस्लिम पक्ष इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा, जहां आज इस मामले पर सुनवाई की गई है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मस्जिद ध्वस्तीकरण मामले में योगी सरकार से जवाब मांगा है. इस मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी.
बता दें कि मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कलेक्ट्रेट स्थित मस्जिद को अवैध बताते हुए बेदखली का ऑर्डर दिया था. साथ ही मस्जिद के जिम्मेदारों से 6.41 करोड़ रुपये का क्षतिपूर्ति वसूलने का ऑर्डर दिया गया था. लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 6.41 करोड़ रुपये की वसूली पर अंतरिम रोक लगा दी है और अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी.
इस मामले की शुरुआत साल 2025 में हुई, जब बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने कलेक्ट्रेट स्थित मस्जिद को अवैध बताते हुए शिकायत की. इस शिकायत के बाद अपर जिला मजिस्ट्रेट ने इस मामले की प्रारंभिक जांच की. जांच के बाद मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मस्जिद को सरकारी जमीन पर बना अवैध निर्माण घोषित किया और बेदखली का आदेश दिया और 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना (क्षतिपूर्ति) लगाया. मुस्लिम पक्ष ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के इस आदेश को जिला कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन जिला कोर्ट से मुस्लिम पक्ष को राहत नहीं मिली.
जिला कोर्ट ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए मस्जिद प्रबंधन समिति की अपील को 2 सितंबर 2026 को आधिकारिक रूप से खारिज कर दिया. इसके बाद प्रशासन ने 5 सितंबर की सुबह करीब 5 बजे भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मस्जिद को बुलडोजर एक्शन की मदद से ध्वस्त कर दिया. प्रशासन ने मस्जिद से जरूरी चीज, यहां तक कि कुरान पाक को भी निकालने का समय नहीं दिया. मस्जिद ध्वस्तीकरण में कुरान पाक को भी नुकसान पहुंचा.

