Jamia Student Union Restored: पिछले दो हफ्तों से ज्यादा वक्त से जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र कैंपस में धरना-प्रदर्शन कर रहे थे. कई छात्र भूख हड़ताल पर बैठे थे. प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग जामिया में छात्र संघ को फिर से बहाल कराना था. पिछली रात (29 अक्टूबर) को जामिया प्रशासन प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग और संघर्ष के आगे झुक गया. जामिया प्रशासन ने छात्र संघ को बहाल करने और चुनाव कराने का ऐलान कर दिया. इस ऐलान के बाद जामिया में छात्रों के बीच खुशियों की लहर दौर गई. इस बीच कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने जामिया में छात्र संघ बहाल होने पर खुशी व्यक्त की. उन्होंने इसे जामिया के छात्रों की जीत बताया.
सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह जामिया में आंदोलन कर रहे छात्रों के जज्बे की जीत है. इमरान ने पूरे जामिया के छात्रों को छात्र संघ बहाल होने की बधाई दी. उन्होंने कहा कि जामिया की एडमिनिस्ट्रेश ने इस आंदोलन को कुचलने और बदनाम करने की कोई कसर नहीं छोड़ी थी. उन्होंने आंदोलन के दौरान कैंपस में विवादति नारे लिखने की घटना का आऱोप जामिया के प्शासन पर लगाया और कहा कि यह काम जामिया के प्रशासन ने आंदोलन को बदनाम करने के लिए किया था.
उन्होंने कहा कि जितने छात्र इस प्रदर्श में शामिल थे, भूख हड़ताल पर थे और लड़कियां जिस तरीके से इस आंदोलन में साथ दे रही थी. वह अपने आप में ऐतिहासिक है. उन्होंने कहा, “सबसे पहले मैं ही उन बच्चों को समर्थन देने के लिए वहां पर पहुंचा था और जो इल्ज़ाम लगाकर के जामिया एडमिनिस्ट्रेशन ने, रजिस्ट्रार ने FIR कराई, वह निहायत ही बचकाना आरोप थे, ट्रेसपासिंग. मैं तो टहलते हुए ऐसे चला गया था. उन लोगों को लग रहा था कि मैं अपनी गाड़ियों में आऊंगा. मुझे तो डिटेन भी नहीं कर पाए, क्योंकि छात्र इतनी बड़ी तादाद में आ गए थे.
उन्होंने कहा, “मैं जामिया प्रशासन पर यह आरोप लगा रहा हूँ कि वे नारे बच्चों ने नहीं लिखे थे. वह नारे जामिया प्रशासन ने किसी से साजिश करके लिखवाए थे ताकि आंदोलन को बदनाम किया जा सके. इन तमाम कोशिशों के बाद भी उनको हारना पड़ा, घुटने टेकने पड़े और यह बच्चों के सत्याग्रह की वजह से हुआ.”
उन्होंने जामिया प्रशासन को निशाने पर लेते हुए कहा कि आपको लगता है कि आप सरकार के कदमों में बिछे रहेंगे और आपसे कोई सवाल नहीं पूछेगा? उन्होंने आगे कहा कि आपसे भ्रष्टाचार की पोल, तो पार्लियामेंट सेशन आएगा, तो सदन में खोलूंगा. आपके भ्रष्टाचार के बहुत से काले चिट्ठे हैं हमारे पास.
