मेराज का सफ़र-2
प्रिय दर्शको,
पिछले एपिसोड में आपने मेराज के सफ़र के बारे में कुछ बुनियादी बातें सुनी थीं, आज उसी का शेष भाग आपकी सेवा में प्रस्तुत किया जा रहा है।
मेराज का वाकिया, मुस्लिम समुदाय के उत्थान के समय...
मेराज का सफ़र-1
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
(अल्लाह दयावान, कृपाशील के नाम से)
प्रिय दर्शको,
आज आप ‘मेराज का सफ़र’ के विषय पर मेरी कुछ बातें सुनेंगे। अल्लाह तआला की यह रीति है कि वह अपने पैग़म्बरों की मदद करता है और उन्हें और अपने दूसरे...
نہیں تیرا نشیمن قصرِ سلطانی کے گنبد پر!
تو شاہیں ہے بسیرا کر پہاڑوں کی چٹانوںمیں
नहीं तेरा नशेमन क़स्रे सुल्तानी के गुंबद पर!
तू शाहीन है बसेरा कर पहाड़ों की चट्टानों में
Nahi tera nasheman qasr-e-sultani ke gunbad per!
tu shaheen hai basera...
नबी (सल्ल.) मुतइम-बिन-अदी की पनाह में
प्रिय दर्शको, ताइफ़ में नबी (सल्ल.) को जिस अपमान और उपेक्षा को सहन करना पड़ा उसके बाद मक्का में आप (सल्ल.) की पोज़िशन काफ़ी ख़राब हो गई। मक्का के सरदार और धनाढ़्य लोग इसपर...
عقابی روح جب بیدار ہوتی ہے جوانوں میں
نظر آتی ہے اس کو اپنی منزل آسمانوں میں
उक़ाबी रूह जब बेदार होती है जवानो में
नज़र आती है उस को अपनी मंज़िल आसमानों में
Uqaabi rooh jab bedaar hoti hai jawaano mein
nazar aati...
ईसाई ग़ुलाम अद्दास का इस्लाम स्वीकार करना
प्रिय दर्शको, आप सबको मेरा प्यार भरा सलाम।
नबी (सल्ल.) के मक्का में रहते हुए यह आख़िरी साल था। मक्का के सरदारों और धनाढ्य लोगों को दिलों पर मानो मुहर लग गई थी। उन्हें...
अल्लाह के रसूल (सल्ल.) मुश्किलों के घेरे में
प्रिय दर्शको, आप सबको मेरा प्यार भरा सलाम। हज़रत मुहम्मद (सल्ल.) जो सारे संसार के लिए सर्वथा दयालुता बनाकर भेजे गए थे, उन्हें मक्का में भी और मक्का के बाद मदीना में...
حیا نہیں ہے زمانے کی آنکھ میں باقی
خدا کرے کہ جوانی تری رہے بے داغ
हया नहीं है ज़माने की आँख में बाक़ी
खुदा करे की जवानी तेरी रहे बे-दाग़
Hayaa nahi hai zamaane ki aankh mein baaqi
khuda kare ki jawaani...
हज़रत ख़दीजा (रज़ि.) और अबू-तालिब का इन्तिक़ाल
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
(अल्लाह दयावान, कृपाशील के नाम से)
प्रिय दर्शको, आप सबको मेरा प्यार भरा सलाम।
नबी (सल्ल.) का आन्दोलन आगे बढ़ता जा रहा था। सद्बुद्धि रखनेवाले लोग धीरे-धीरे इस्लाम के दायरे में दाख़िल हो रहे थे।...
یہ علم، یہ حکمت، یہ تدبّر، یہ حکومت!
پیتے ہیں لہُو، دیتے ہیں تعلیم مساوات
यह इल्म, यह हिक्मत, यह तदब्बुर, यह हुकूमत!
पीते हैं लहू, देते हैं तालीमे मसावात
Yeh ilm, yeh hikmat, yeh tadabbur, yeh hukoomat!
pete hain lahu, dete hain...