کافر ہے تو شمشیٖر پہ کرتا ہے بھروسا
مومن ہے تو بے تیغ بھی لڑتا ہے سپاہی
काफिर है तो शमशीर पे करता है भरोसा
मोमिन है तो बेतेग लड़ता है सिपाही
Kaafir hai to shamsheer pe karta hai bharosa
momin hai to be-tegh...
पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल.) का आह्वान ‘सफ़ा’ पर्वत से
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
(अल्लाह दयावान, कृपाशील के नाम से)
प्रिय दर्शको,
आप सबको मेरा सलाम। नबी करीम (सल्ल.) को लोगों को इस्लाम की ओर बुलाते-बुलाते तीन वर्ष बीत चुके थे, लेकिन आप (सल्ल.) का सन्देश अभी तक...
کافر ہے مسلماں، تو نہ شاہی، نہ فقیری
مومن ہے تو کرتا ہے فقیری میں بھی شاہی
काफिर है मुसलमान, तो न शाही, न फ़क़ीरी
मोमिन है तो करता है फ़क़ीरी में शाही
Kaafir hai musalman, to na shahi, na faqeeri
momin hai to...
पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल.) का क़रीबी रिश्तेदारों को इस्लाम की ओर बुलाना
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
(अल्लाह दयावान, कृपाशील के नाम से)
प्रिय दर्शको,
आप यह बात सुन चुके हैं कि नबी (सल्ल.) को पैग़म्बरी जैसी महान ज़िम्मेदारी सौंपी गई। आप (सल्ल.) के नबी बनाए जाने के...
پانی پانی کر گئی مجھ کو قلندر کی یہ بات
تو جھکا جب غیر کے آگے نہ من تیرا، نہ تن!
पानी पानी कर गई मुझको क़लन्दर की यह बात
तू झुका जब ग़ैर के आगे न मन तेरा, न तन!
Paani paani...
पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद (सल्ल.) का उत्साह-वर्धन
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
(अल्लाह दयावान, कृपाशील के नाम से)
प्रिय दर्शको,
हज़रत मुहम्मद (सल्ल.) को जो पैग़म्बर बनाया गया, उसके आरंभिक काल की यह घटना है। नबी (सल्ल.) को यह चिंता थी कि अल्लाह की ओर से वह्य (प्रकाशना)...
पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल.) की मूल शिक्षा
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
(अल्लाह दयावान, कृपाशील के नाम से)
प्रिय दर्शको,
सलाम और रहमत।
नबी करीम (सल्ल.) को सारे इंसानों के मार्गदर्शन यानी पैग़म्बरी के पद पर आसीन कर दिया। पैग़म्बरी मिलने के बाद भी आप (सल्ल.) कभी-कभी हिरा की...
پھول کی پتی سے کٹ سکتا ہے ہیرے کا جگر
مردِ ناداں پر کلامِ نرم و نازک بے اثر!
फूल की पत्ती से कट सकता है हीरे का जिगर
मर्दे नादाँ पर कलामे नर्म व नाज़ुक बे असर!
Phool ki patti se kat...
اقبالؔ بڑا اُپدِیشک ہے من باتوں میں موہ لیتا ہے
گفتار کا غازی بن تو گیا، کِردار کا غازی بن نہ سکا
इक़बाल बड़ा उपदेशक है, मन बातों में मोह लेता है
गुफ़्तार का ग़ाज़ी बन तो गया, किरदार का ग़ाज़ी...
पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल.) की वरक़ा से मुलाक़ात
प्रिय दर्शको,
आप सबको मेरा सलाम। आज की इस प्रस्तुति का शीर्षक है “पैग़म्बर मुहम्मद वरक़ा से मुलाक़ात”।
हज़रत ख़दीजा (रज़ि.) इस बात पर ख़ुश तो थीं कि अल्लाह तआला उनके पति को दुनिया की...