جس میں نہ ہو انقلاب، موت ہے وہ زندگی
روحِ اُمَم کی حیات کشمکش انقلاب
जिसमें न हो इंक़लाब, मौत है वह ज़िन्दगी
रुहे-उमम की हयात कश-म-कश इंक़लाब
Jismein na ho inqalaab, maut hai woh zindagi
roh-e-umam ki hayaat kash-ma-kash inqalaab
الفاظ و معنی:۔
انقلاب: تغیر،...
सहाबी ख़ब्बाब (रज़ि.) की आज़माइशें
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
(अल्लाह दयावान, कृपाशील के नाम से)
प्रिय दर्शको,
आज की इस प्रस्तुति का शीर्षक है ‘सहाबी ख़ब्बाब (रज़ि.) की आज़माइशें’। हज़रत ख़ब्बाब (रज़ि.) उम्मे-अन्मार के ग़ुलाम थे। उस ज़माने में महिलाएँ भी बहुत सशक्त होती थीं। आज...
میٖری میں، فقیری میں، شاہی میں، غلامی میں
کچھ کام نہیں بنتا بے جُرأتِ رِندانہ
मीरी में, फ़क़ीरी में, शाही में, ग़ुलामी में
कुछ काम नहीं बनता, बे जुरते रिंदाना
Meri mein, faqeeri mein, shahi mein, ghulami mein
kuch kaam nahin banta be-jurat-e-rindana
الفاظ و...
सहाबा (रज़ि.) को सख़्त प्रताड़नाएँ देना
प्रिय दर्शको,
आज आपके सामने कुछ घटनाएँ प्रस्तुत की जाएँगी नबी (सल्ल.) के साथियों को किस प्रकार से सताया गया, और किस तरह से उन्हें अल्लाह के मार्ग में प्रताड़ित किया गया। हज़रत अम्मार (रज़ि.),...
تٗو شاہیں ہے، پَرواز ہے کام تیرا
تِرے سامنے آسماں اور بھی ہیں
तू शाहीन है, परवाज़ है काम तेरा
तेरे सामने आसमाँ और भी हैं
Tu shaheen hai, parwaaz hai kaam tera
tere saamne aasmaan aur bhi hain
الفاظ و معنی:۔
شاہیں: باز کی طرح...
अबू-जहल की शरारतें
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
(अल्लाह दयावान, कृपाशील के नाम से)
प्रिय दर्शको,
आज की इस प्रस्तुति का शीर्षक है, ‘अबू-जहल की शरारतें’।
अबू-जहल आप (सल्ल.) का रिश्ते का चचा था (जबकि अबू-लहब आपका सगा चचा था), वह एक धनी व्यापारी था और क़ुरैश का...
بتوں سے تجھ کو امیدیں، خدا سے نومیدی
مجھے بتا تو سہی اور کافری کیا ہے
बुतों से तुझको उम्मीदें, खुदा से नउम्मेदी
मुझे बता तो सही और काफिरी क्या है
Buton se tujhko ummeedain, Khuda se nomidi
mujhe bata to sahi aur...
पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद (सल्ल.) का तीव्र विरोध
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
(अल्लाह दयावान, कृपाशील के नाम से)
प्रिय दर्शको, आप सबको मेरा प्यार भरा सलाम।
दीन (धर्म) का रास्ता आसान नहीं है। जब भी लोगों ने अल्लाह के दीन को अपनाया तो उन्हें विभिन्न कठिनाइयों का...
جلالِ پادشاہی ہو کہ جمہوری تماشا ہو!
جدا ہو دیں سیاست سے، تو رہ جاتی ہے چنگیزی
जलाले पादशाही हो कि जम्हूरी तमाशा हो!
जुदा हो दीन सियासत से, तो रह जाती है चंगेज़ी
Jalaal-e-padshahi ho ki jamhori tamasha ho!
juda ho deen seyasat...
The Prophet’s Courage and Determination || Maulana Ejaz Ahmed Aslam || SADAA Times
पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल.) का साहस और दृढ़ संकल्प
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
(अल्लाह दयावान, कृपाशील के नाम से)
प्रिय दर्शको, आप सबको मेरा सलाम।
आज आपके सामने नबी (सल्ल.) से पहले के दौर के...