पॉइंट ऑफ़ व्यू
नबी (सल्ल.) मुतइम-बिन-अदी की पनाह में
नबी (सल्ल.) मुतइम-बिन-अदी की पनाह मेंप्रिय दर्शको, ताइफ़ में नबी (सल्ल.) को जिस अपमान और उपेक्षा को सहन करना पड़ा उसके बाद मक्का में आप (सल्ल.) की पोज़िशन काफ़ी ख़राब हो गई। मक्का के सरदार और धनाढ़्य लोग इसपर...
डॉ. अल्लामा इकबाल
उक़ाबी रूह जब बेदार होती है जवानो में || Dr Allama Iqbal
عقابی روح جب بیدار ہوتی ہے جوانوں میں
نظر آتی ہے اس کو اپنی منزل آسمانوں میں
उक़ाबी रूह जब बेदार होती है जवानो में
नज़र आती है उस को अपनी मंज़िल आसमानों मेंUqaabi rooh jab bedaar hoti hai jawaano mein
nazar aati...
पॉइंट ऑफ़ व्यू
ईसाई ग़ुलाम अद्दास का इस्लाम स्वीकार करना
ईसाई ग़ुलाम अद्दास का इस्लाम स्वीकार करनाप्रिय दर्शको, आप सबको मेरा प्यार भरा सलाम।नबी (सल्ल.) के मक्का में रहते हुए यह आख़िरी साल था। मक्का के सरदारों और धनाढ्य लोगों को दिलों पर मानो मुहर लग गई थी। उन्हें...
पॉइंट ऑफ़ व्यू
अल्लाह के रसूल (सल्ल.) मुश्किलों के घेरे में || SADAA Times
अल्लाह के रसूल (सल्ल.) मुश्किलों के घेरे मेंप्रिय दर्शको, आप सबको मेरा प्यार भरा सलाम। हज़रत मुहम्मद (सल्ल.) जो सारे संसार के लिए सर्वथा दयालुता बनाकर भेजे गए थे, उन्हें मक्का में भी और मक्का के बाद मदीना में...
डॉ. अल्लामा इकबाल
हया नहीं है ज़माने की आँख में बाक़ी || Dr Allama Iqbal
حیا نہیں ہے زمانے کی آنکھ میں باقی
خدا کرے کہ جوانی تری رہے بے داغ
हया नहीं है ज़माने की आँख में बाक़ी
खुदा करे की जवानी तेरी रहे बे-दाग़Hayaa nahi hai zamaane ki aankh mein baaqi
khuda kare ki jawaani...
पॉइंट ऑफ़ व्यू
हज़रत ख़दीजा (रज़ि.) और अबू-तालिब का इन्तिक़ाल
हज़रत ख़दीजा (रज़ि.) और अबू-तालिब का इन्तिक़ालबिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
(अल्लाह दयावान, कृपाशील के नाम से)प्रिय दर्शको, आप सबको मेरा प्यार भरा सलाम।नबी (सल्ल.) का आन्दोलन आगे बढ़ता जा रहा था। सद्बुद्धि रखनेवाले लोग धीरे-धीरे इस्लाम के दायरे में दाख़िल हो रहे थे।...
डॉ. अल्लामा इकबाल
यह इल्म, यह हिक्मत, यह तदब्बुर, यह हुकूमत! || Dr Allama Iqbal
یہ علم، یہ حکمت، یہ تدبّر، یہ حکومت!
پیتے ہیں لہُو، دیتے ہیں تعلیم مساوات
यह इल्म, यह हिक्मत, यह तदब्बुर, यह हुकूमत!
पीते हैं लहू, देते हैं तालीमे मसावातYeh ilm, yeh hikmat, yeh tadabbur, yeh hukoomat!
pete hain lahu, dete hain...
पॉइंट ऑफ़ व्यू
अल्लाह के रसूल (सल्ल.) का सामाजिक बहिष्कार
अल्लाह के रसूल (सल्ल.) का सामाजिक बहिष्कारबिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
(अल्लाह दयावान, कृपाशील के नाम से)प्रिय दर्शको,अल्लाह के रसूल (सल्ल.) की पैग़म्बरी का सातवाँ साल था और क़ुरैश का विरोध बढ़ता जा रहा था, क्योंकि वे देख रहे थे कि सकारात्मक सोच और...
डॉ. अल्लामा इकबाल
ज़ाहिर में तिजारत है, हकीकत में जुवा है || Dr Allama Iqbal
ظاہر میں تجارت ہے، حقیقت میں جُوا ہے
سود ایک کا لاکھوں کے لیے مرگِ مفاجات
ज़ाहिर में तिजारत है, हकीकत में जुवा है
सूद एक का लाखों के लिए मर्गे मुफाजात
Zaahir mein tijaarat hai, haqeeqat mein juwa hai
sood ek ka...
पॉइंट ऑफ़ व्यू
हज़रत उमर (रज़ि.) का इस्लाम क़ुबूल करना
Umar Embraces Islam || Maulana Ejaz Ahmed Aslam || SADAA Timesहज़रत उमर (रज़ि.) का इस्लाम क़ुबूल करनाबिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
(अल्लाह दयावान, कृपाशील के नाम से)प्रिय दर्शको, आज हम हज़रत उमर (रज़ि.) के इस्लाम स्वीकार करने के बारे में सुनेंगे। अल्लाह के रसूल...
Latest News
Saharanpur: क्लेक्ट्रेट मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद हिंदूवादी बाबा ने फैलाई नफरत, पाकिस्तान जाने की दे रहे सलाह
Saharanpur Mosque Demolition: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद ऐतिहासिक मस्जिद को प्रशासन ने बीते 5...
- Advertisement -
- Advertisement -
