पॉइंट ऑफ़ व्यू
अल्लाह के रसूल हज़रत मुहम्मद (सल्ल.) की माँ और दादा की मौत
अल्लाह के रसूल हज़रत मुहम्मद (सल्ल.) की माँ और दादा की मौतबिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
(अल्लाह दयावान, कृपाशील के नाम से)प्रिय दर्शको, आप सबका स्वागत है।नबी (सल्ल.) के जीवन का एक और पहलू आपके सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। जैसा कि आप...
डॉ. अल्लामा इकबाल
Hazaaron saal nargis apni be-noori pe roti hai || Dr Allama Iqbal
ہزاروں سال نرگِس اپنی بے نوری پہ روتی ہے
بڑی مشکل سے ہوتا ہے چمن میں دیٖدہ وَر پیدا
हज़ारों साल नरगिस अपनी बे नूरी पे रोती है
बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा वर पैदाhazaaron saal nargis apni be...
पॉइंट ऑफ़ व्यू
हज़रत मुहम्मद (सल्ल.): माँ आमिना की गोद से दाई हलीमा की गोद तक
हज़रत मुहम्मद (सल्ल.): माँ आमिना की गोद से दाई हलीमा की गोद तकबिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
(अल्लाह दयावान, कृपाशील के नाम से)प्रिय दर्शको, आप सबको मेरा प्यार भरा सलाम।आज की छोटी-सी तक़रीर का शीर्षक है—‘हज़रत मुहम्मद (सल्ल.): माँ आमिना की गोद से दाई हलीमा...
डॉ. अल्लामा इकबाल
Musalman ko Musalman kar diya tufaan-e-maghrib ne || Dr Allama Iqbal
مسلماں کو مسلماں کر دیا طوفانِ مغرب نے
تلاطُم ہائے دریا ہی سے ہے گَوہر کی سیرابی
मुसल्मा को मुसल्मा कर दीया तूफान मग़रिब ने
तलातुम हाये दरिया ही से है गौहर की सैराबीmusalman ko musalman kar diya tufaan-e-maghrib ne
talatum haye dariya...
पॉइंट ऑफ़ व्यू
हज़रत मुहम्मद (सल्ल.): दाई हलीमा के घर से वापस माँ आमिना के पास
हज़रत मुहम्मद (सल्ल.): दाई हलीमा के घर से वापस माँ आमिना के पासबिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
(अल्लाह दयावान, कृपाशील के नाम से)प्रिय दर्शको, आप सबको मेरा प्यार भरा सलाम।नबी (सल्ल.) दूध पिलाने वाली माँ दाई हलीमा के पास लगभग दो वर्ष रहे। दो...
डॉ. अल्लामा इकबाल
Yeh ghadi mahshar ki hai tu arsa-e-mahshar mein hai || Dr Allama Iqbal
یہ گھڑی مَحشَر کی ہے تو عرصٔہ محشر میں ہے
پیش کر غافل عمل کوئی اگر دفتر میں ہے
यह घड़ी महशर की है तू अर्से मशहर में है
पेश कर ग़ाफ़िल अमल कोई अगर दफ्तर में हैyeh gahdi mehshar ki hai...
मोहम्मद ﷺ सबके लिए
पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद (सल्ल.) का जन्म
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
(अल्लाह दयावान, कृपाशील के नाम से)प्रिय दर्शको, आप सबको मेरा प्यार भरा सलाम।तमाम नबियों के समापक हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (सल्ल.) आज से लगभग साढ़े चौदह सौ वर्ष पहले पैदा हुए। हज़रत ईसा (अलैहि.) के 570 वर्ष के बाद, 12...
डॉ. अल्लामा इकबाल
Aag hai, Aulad-e-Ibraheem hai, Namrood hai || Dr Allama Iqbal
آگ ہے، اولادِ ابراہیم ہے، نمرود ہے
کیا کسی کو پھر کسی کا امتحاں مقصود ہے
आग है, औलाद इब्राहीम है नमरूद है
क्या किसी को फिर किसी का इम्तेहान मक़सूद हैaag hai, aulad-e-ibraheem hai, namrood hai
kya kisi ko phir kisi ka...
डॉ. अल्लामा इकबाल
Ki Muhammad se wafa tune to hum tere hain || Dr Allama Iqbal
کی محمد سے وفا تونے تو ہم تیرے ہیں
یہ جہاں چیز ہے کیا لوح و قلم تیرے ہیں
की मुहम्मद से वफ़ा तूने तो हम तेरे हैं
यह जहाँ चीज़ है क्या लौह व क़लम तेरे हैंki muhammad se wafa tune...
डॉ. अल्लामा इकबाल
Firqa bandi hai kahin aur kahin zaatein hain || Dr Allama Iqbal
فرقہ بندی ہے کہیں اور کہیں ذاتیں ہیں
کیا زمانے میں پنپنے کی یہی باتیں ہیں
फ़िरक़ा बंदी है कहीं और कहीं जातें हैं
क्या ज़माने में पनपने की यही बातें हैंfirqa bandi hai kahin aur kahin zatein hain
kya zamaane mein panpane...
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